अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भाजपा कांग्रेस मे तीखी तकरार – News Debate

अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच पर भाजपा कांग्रेस मे तीखी तकरार

कांग्रेस बोली जांच को भटकाने का प्रयास कर रही सरकार: कांग्रेस

भाजपा बोली जांच की दिशा मे रोड़े अटका रही है कांग्रेस

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले मे सीबीआई जांच घोषित होने के बाद भी कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी तकरार हुई है।

कांग्रेस ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को भटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी ने कहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा के 15-17 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार ने वास्तव में सीबीआई को जांच सौंपने का औपचारिक प्रतिवेदन भेजा भी है या नहीं।

कांग्रेस कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक रूप से यह घोषणा की थी कि अंकिता भंडारी के माता-पिता की राय लेकर इस मामले में दोबारा जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री से भेंट के दौरान अंकिता के माता-पिता ने लिखित रूप में दोषियों को फांसी दिए जाने, मामले में शामिल वीआईपी का नाम उजागर किए जाने और सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने यह ऐलान किया कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी।

गोदियाल ने कहा कि यह स्वाभाविक था कि मामले में पीड़ित पक्ष, यानी अंकिता के माता-पिता के प्रार्थना पत्र को आधार बनाकर सीबीआई जांच की संस्तुति की जाती। लेकिन सरकार ने पीड़ित परिवार की बजाय एक तीसरे पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच कराने की बात की, जिससे संदेह पैदा होता है कि जांच को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा सीबीआई को भेजा गया प्रतिवेदन अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह भी जानकारी मिल रही है कि सरकार नई एफआईआर के आधार पर इस मामले में वीआईपी के शामिल होने को एक काल्पनिक स्थिति बनाते हुए उसकी जांच करवाना चाहती है। जबकि यह कोई कल्पना नहीं, बल्कि यथार्थ है कि एक वीआईपी को सर्विस देने से मना करने पर एक लड़की की जान ली गई है। जब कांग्रेस ने यह बात कही कि जांच इस यथार्थ की ही होनी चाहिए, तो सरकार ने कदम पीछे खींच लिए और अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी है या नहीं। सीबीआई की तरफ से भी इसे लेकर कोई बयान नहीं आया है।

भाजपा सरकार पर प्रभावशाली लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि इस मामले में आरोपियों द्वारा स्वयं नार्को टेस्ट की मांग किए जाने के बावजूद सरकारी पक्ष ने अदालत में इसका विरोध किया, जो आपराधिक मामलों में दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस रुख से ऐसा लगता है कि उसे डर था कि नार्को टेस्ट से सत्ताधारी दल के नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।

गोदियाल ने जांच के बिंदुओं को सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने मांग की कि इस मामले में एसआईटी की पूर्व प्रमुख, जो अब सीबीआई में वरिष्ठ पद पर हैं, को इस जांच प्रक्रिया से दूर रखा जाए।

इसके अलावा गोदियाल ने उधम सिंह नगर में एक किसान की आत्महत्या का मामला उठाते हुए बताया कि मृतक ने पुलिस अधिकारियों के नाम लेकर उन्हें अपनी मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। इसके बावजूद संबंधित एसएसपी को मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने मांग की कि उस अधिकारी को तत्काल बर्खास्त कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

 

अंकिता को न्याय की दिशा मे रोड़े अटका रही है कांग्रेस: चौहान

भर्ती घोटाले मे सीबीआई जांच पर भ्रम फैला कर मुँह की खा चुकी है कांग्रेस

सीबीआई जांच मे संस्तुति के बाद पोब्लिक डोमेन मे शुरू नही होती है प्रक्रिया

देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश मे दुखद अंकिता हत्याकांड प्रकरण मे कांग्रेस उसे न्याय दिलाने के बजाय रोड़े अटकाने का काम कर रही है जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की संस्तुति सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जन भावनाओं के अनुरूप और अंकिता के माता पिता की इच्छा के अनुरूप की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मंशा यह कदापि नही रही कि मामले की सीबीआई जांच हो, लेकिन सीएम पुष्कर सिंह धामी के द्वारा सीबीआई जांच घोषणा से उसे झटका लगा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी से जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसी को प्रतिवेदन एक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें सीबीआई जांच के लिए कब सहमति देगी यह भी प्रक्रिया है। लेकिन कांग्रेस मुद्दे पर बेवजह आरोप प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है।

चौहान ने कहा कि कांग्रेस मीडिया ट्रायल के बजाय इसकी कानूनी स्थिति पर स्थिति स्पष्ट करती तो ठीक था। उन्होंने कहा कि कोर्ट मे जो विवेचना की गयी कांग्रेस उसको अब आधार बनाकर तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रही है। पैरवी मे जो तथ्य सामने आये और उन पर बहस हुई उस समय कानून के जानकार भी उन मुद्दों को देखते रहे, लेकिन कांग्रेस अब उन पर नई बहस छेड़ कर अवसर बनाने की कोशिश कर रही है। आरोपियों द्वारा नार्को या क्या मांग की गयी उस समय अदालत मे जानकार हर मुद्दे पर पैनी नजर रखे हुए थे। कहीं आरोपी बचने के लिए जांच की दिशा न भटकाये जांच एजेंसी सतर्क थी।

उन्होंने कहा कि अदालत भी सीबीआई जांच की मांग को रिजेक्ट कर जांच कर रही एसआईटी जांच को लेकर संतुष्ट रही। हालांकि जब एसआईटी जांच चल रही थी तो कांग्रेस जांच पर तमाम सवाल उठाती रही, लेकिन निर्णय सबको पता है और हत्यारे सजा काट रहे है। वह जमानत तक नही ले पाए।

चौहान ने कहा कि हाल ही मे कांग्रेस ने भर्ती घोटाले मे सीबीआई जांच को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की, लेकिन जांच चल रही है। यहाँ पर भी उसे मुंह की खानी पडी। उन्होंने कहा कि पहले हुई एसआईटी जांच मे कोई आशंका न रहे इसीलिए अंकिता के माता पिता की इच्छा पर ही सीबीआई जांच की संस्तुति की गयी है। लेकिन कांग्रेस को अपने हाथ से भाजपा की घेरेबंदी मे पड़ती ढीली पकड़ के बाद इसे आरोप प्रत्यारोप के जरिये जीवित रखना चाहती है।

चौहान ने कहा कि ऊधम सिंह नगर मे किसान की सुसाइड प्रकरण मे एसआईटी जांच चल रही है। शिकायत के आधार पर आरोपियों पर कार्यवाही की गयी है। हालांकि कांग्रेस की स्थिति यह है कि इसी जिले मे पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलने के बाद उसकी झूठ से बनी बुनियाद हिल गयी। सरकार और पुलिस को बदनाम करने के लिए विधायक पुत्र ने खुद पर ही हमले की साजिश रची और विधायक ने जनता से माफी मांगी। लेकिन कांग्रेस खामोश होकर जनता से माफी मांगना तो दूर नये नये आरोपों के साथ आगे आ रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की बेचैनी को जनता बेहतर जानती है और उसके द्वारा फैलाये किसी भी भ्रामक दुष्प्रचार को जनता माफ नही करेगी। कांग्रेस सकरात्मक राजनीति के बजाय दुष्प्रचार मे जुटी है और अंकिता को न्याय दिलाने की दिशा मे चल रही कोशिशों मे रोड़े अटकाने की कोशिश कर रही है जिसे जनता भली भाँति जानती है।

 

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