देहरादून। राजधानी मे हॉट सीट बनी धर्मपुर मे वर्तमान विधायक विनोद चमोली और पूर्व सीएम हरीश रावत के बीच चल रहे कोल्ड वार के बीच उक्रांद भी कूद गया है।
उक्रांद की केंद्रीय मीडिया प्रभारी मीनाक्षी घिल्डियाल का कहना है कि धर्मपुर की जनता ने किसी से कर्जा नही लिया है जो किसी को झेलने की स्थिति मे रहे और न ही भावों मे बहने की नौबत ही आयेगी।
धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक विनोद चमोली के बयान जिसमे उन्होंने कहा कि “धर्मपुर की जनता अभी मुझे 10 साल और झेलेगी” न सिर्फ़ अहंकार को दर्शाता है, बल्कि क्षेत्र की जनता के आत्मसम्मान पर भी सीधा प्रहार है। धर्मपुर की जनता ने किसी से कोई कर्ज़ नहीं लिया है, जो किसी जनप्रतिनिधि को “झेलने” की मजबूरी हो। जनता जनप्रतिनिधियों को चुनती है, उन्हें सहने के लिए नहीं।
उन्होंने कहा कि आज धर्मपुर क्षेत्र की जमीनी हकीकत किसी से छिपी नहीं है। कारगी कूड़ा जोन वर्षों से स्थानीय लोगों के लिए अभिशाप बना हुआ है। दुर्गंध, स्वास्थ्य जोखिम और अव्यवस्था से जनता त्रस्त है, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ़ आश्वासन ही मिले हैं।
इसी तरह आईएसबीटी क्षेत्र की बदहाल स्थिति पूरे प्रदेश ने देखी है। अव्यवस्थित यातायात, गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकार और स्थानीय विधायक की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है।
घिल्डियाल ने कहा कि केवल संसद या मंचों से भावनात्मक भाषण देने से कोई जनप्रिय नेता नहीं बनता। जनप्रियता ज़मीनी काम, जवाबदेही और जनता की समस्याओं के समाधान से बनती है, न कि बड़े-बड़े शब्दों से। उन्होंने कहा कि “धर्मपुर की जनता इतनी समझदार है कि वह घड़ियाली आँसुओं को पहचानती है। इस बार जनता बदलाव चाहती है और क्षेत्रीय दल को मौका देने का मन बना चुकी है, ताकि वास्तविक मुद्दों पर काम हो सके।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल धर्मपुर की जनता के साथ खड़ा है और क्षेत्र के पर्यावरण, स्वास्थ्य, यातायात और रोज़गार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाता रहेगा।