देहरादून। उक्रांद ने लोक सभा मे नैनीताल सांसद अजय भट्ट का राम नाम लो लेकर दिये बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था का मज़ाक उड़ाने जैसा बताता।
पार्टी प्रवक्ता मीनाक्षी घिल्डियाल ने कहा कि भट्ट द्वारा लोकसभा के पवित्र मंच से दिया गया बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि जनता की समस्याओं के प्रति उनकी असंवेदनशील सोच को भी उजागर करता है। पति–पत्नी के झगड़े, गाय के दूध न देने या किसी भी समस्या का समाधान “जय श्री राम” का नारा लगाने से हो जाएगा यह कहना देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था का मज़ाक उड़ाने जैसा है।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने सांसद को नारे लगाने के लिए नहीं, बल्कि महंगाई, बेरोज़गारी, पलायन, बदहाल सड़कों, स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा और शिक्षा की गिरती गुणवत्ता जैसे ज्वलंत मुद्दों पर आवाज़ उठाने के लिए चुना है। लोकसभा कोई अंधविश्वास फैलाने का मंच नहीं, बल्कि नीति, समाधान और जवाबदेही का स्थान है।
धर्म हमारी आस्था का विषय है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन आस्था की आड़ में जनता की वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ना स्वीकार्य नहीं है। उत्तराखंड आज पलायन, बेरोज़गारी और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है—इन पर ठोस नीति और संसदीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है, न कि हास्यास्पद है।
उत्तराखंड क्रांति दल का स्पष्ट मत है कि जनता को जुमले नहीं, समाधान चाहिए। सांसद को अपने बयान पर आत्ममंथन करना चाहिए और लोकसभा में क्षेत्र व देश के वास्तविक मुद्दों पर गंभीर, तथ्यपरक और जिम्मेदाराना ढंग से अपनी भूमिका निभानी चाहिए।