ओवरलोडिंग, नशे मे ड्राइविंग, पुराने वाहन, अनिंद्रा और खराब सड़के अहम कारण
हर हादसे मे मजेस्ट्रेटी जांच और नतीजा सिफर
कोटद्वार(चन्द्रपाल सिंह चन्द)। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क हादसे कम होने का नाम नहीं ले रही है। वाहन में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाना, नशे की हालत में वाहन चलाना, वाहन का पुराना होना, खराब सड़कें, अनिद्रा व मानवीय भूल ही दुघर्टनाओं के प्रमुख कारण रहे हैं। हर हादसे के बाद एकाध अधिकारी पर गाज गिरती है व हादसे की मजिस्ट्रेट जांच बैठाकर मुआवजा देने की बात कही जाती है।
धुमाकोट थाना क्षेत्र के किनाथ बराथ से सोमवार की सुबह प्रातः सात बजे यातायात कंपनी यूजर्स की यह बस संख्या यूके12 पीए 0061 लगभग 45 यात्रियों को लेकर रामनगर के लिए चली थी। अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में मरचूला के निकट यह बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गयी। इस हादसे में लगभग 36 यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
विदित हो कि इससे पूर्व भी एक जुलाई वर्ष 2018 को जनपद पौड़ी के थाना धुमाकोट क्षेत्र के अंतर्गत धुमाकोट बामणीसैंण मार्ग पर ग्राम क्वीन के नजदीक हुई भीषण बस दुर्घटना में 22 पुरूष, 16 महिलाओं व 10 बच्चों समेत 48 यात्री अपनी जान गवां बैठे थे। यूजर्स कंपनी की यह मिनी बस लगभग 60 यात्रियों को लेकर रामनगर जा रही थी। ओवरलोड व खराब सड़क होने के कारण यह बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी थी। इस हादसे के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आनन फानन में सड़क की खराब दुर्दशा को हादसे का कारण मानते हुए लोक निर्माण विभाग बैजरो के सहायक अभियंता व कनिष्ठ अभियंता को निलम्बित कर दिया था। इस हादसे के कुछ समय तक क्षेत्र में वाहनों की चैकिंग अभियान चलाया गया था। नियमानुसार हर वाहन दुर्घटना की मजिस्ट्रेट जांच तो बैठाई जाती है। लेकिन जांच के बाद दोषियों के खिलाफ क्या कड़ी कार्यवाई हुई…यह तो राम ही जाने। हर वाहन दुर्घटना अनेक सवाल छोड़ जाती है। लेकिन कभी उन सवालों पर अमल नहीं किया जाता है।
आज भी पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ इलाकों व ब्रांच मार्गों पर मैक्सी वाहनों की छतों में यात्री ढोए जा रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्यवाही नहीं कर पा रहा है। जनपद बिजनौर के नजीबाबाद क्षेत्र से आने वाले सब्जी के ओवरलोड ट्रकों में सवारियां बैठाना आम बात हो गयी हैं। लेकिन यह ट्रक हर बैरियर को पार कर आसानी से कैसे निकल जाते हैं..?
तहसील लैंसडौन क्षेत्र अंतर्गत बीते माह चार अक्टूबर को हुई मैक्स दुघर्टना में तीन यात्रियों ने अपनी जान गंवायी थी। यह सभी लोग बारात से ग्राम गुनियाल वापस लौट रहे थे। सूत्रों के अनुसार मैक्स वाहन में 15 बाराती सवार थे। रास्ते में चालक ने गाँव के एक अन्य ब्यक्ति को वाहन चलाने दे दिया था। उक्त ब्यक्ति शराब के नशे में बताया जा रहा था।
वर्ष 2009 माडल यह दुर्घटनाग्रस्त बस यूके12 पीए 0061 नियमानुसार अपने 15 वर्ष पूरे कर चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि उक्त बस को परिवहन विभाग के अधिकारी द्वारा अगली फिटनेस कैसे जारी की गई थी…? उक्त बस को यातायात कंपनी यूजर्स कैसे रोटेशन में संचालित कर रही थी? दुर्घटनाग्रस्त बस को फिटनेस जारी करने वाला परिवहन विभाग भी कहीं न कहीं सवालों के घेरे में जरूर है। खैर परिवहन विभाग की कृपा से यह बस भी अकेली सड़क में नहीं दौड़ रही थी। ऐसी अनेक बसें हैं जो 15 वर्ष पूरे करने के बाद भी पर्वतीय मार्गों में दौड़ रही हैं।