आधी रात को छात्रों के बीच पहुंचा मोदी का संदेश, वागंचुक ने तोड़ा अनशन

पीएम बोले, आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा, पेपर माफिया पर होगा निर्णायक प्रहार

पेपर लीक पर कैबिनेट का बड़ा फैसला जल्द, कठोर कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट से दोषियों की उलटी गिनती शुरू

नड्डा और जितेंद्र सिंह से वार्ता के बाद सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन

देहरादून। प्रधानमंत्री मोदी ने जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आधी रात देश के युवाओं के नाम वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों और भविष्य पर हमला है। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है और पेपर माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

‘हर ईमानदार छात्र के साथ सरकार’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी चिंता उन लाखों युवाओं की है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की। उन्होंने कहा कि ईमानदार छात्रों का विश्वास टूटने नहीं दिया जाएगा और उनके भविष्य की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।

पेपर माफिया पर अब निर्णायक वार

प्रधानमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। अब सरकार फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर कानूनी प्रावधानों के जरिए यह सुनिश्चित करेगी कि पेपर लीक करने वाले वर्षों तक कानून की पकड़ से बच न सकें। उनका संदेश साफ था, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों की अब कोई जगह नहीं है।

छात्रों का साल बचाना बनी पहली प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने केवल दोषियों को पकड़ने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि मेहनत करने वाले छात्रों का एक वर्ष बर्बाद न हो। कम समय में लाखों अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में भी सरकार ने छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

कानून होगा अब और सख्त

प्रधानमंत्री ने बताया कि पेपर लीक के मामलों में और कठोर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी। मंजूरी के बाद इसे जल्द संसद में लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिससे भविष्य में कोई भी संगठित गिरोह युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

पहले ही लागू किया जा चुका है एंटी पेपर लीक कानून

केंद्र सरकार लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 लागू कर चुकी है। इस कानून में पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों के लिए कठोर सजा, भारी जुर्माना और गैर-जमानती प्रावधान किए गए हैं। अब सरकार इसके प्रभावी क्रियान्वयन और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठा रही है।

जंतर-मंतर के छात्रों के लिए उम्मीद का संदेश

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई रही है। प्रधानमंत्री के आधी रात के संदेश को सरकार की ओर से इसी दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि छात्रों की आवाज सुनी जा रही है और व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं।

युवाओं के सपनों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री ने दोहराया कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले हर छात्र का सम्मान सुरक्षित रहेगा और युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ करने वालों को कानून के दायरे में लाकर कठोर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार का लक्ष्य केवल दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था स्थापित करना है, जिस पर देश का हर छात्र निश्चिंत होकर भरोसा कर सके।

सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अनशन तोड़ा

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है। सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ बैठक के बाद अपना अनशन तोड़ा है।

सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ‘अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह व लेह-लद्दाख की ‘एपेक्स बॉडी’ के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन समाप्त किया.’

वागंचुक ने बताया कि इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह कदम विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। मैं बहुत जल्द एक अलग वीडियो में इन शर्तों के बारे में विस्तार से बताऊंगा. इस बीच, मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी तरह की हिंसा न होने देने को लेकर बहुत सतर्क रहें।

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