देहरादून। कांग्रेस ने अंकिता हत्याकांड मे रिजार्ट मे सुबूत मिटाने का आरोप लगाते हुए मामले मे यमकेश्वर विधायक रेणु बिष्ट और एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की मांग की है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि अंकिता हत्या काण्ड में एक नया मोड़ आया है। बुलडोजर चलाने वाले ड्राइवर ने कोर्ट में कहा कि विधायक रेनु बिष्ट और तत्कालीन एसडीएम के आदेश के बाद डोजर चलाया गया था। उन्होंने कहा कि यही नहीं पौड़ी पुलिस द्वारा कहा गया था कि बुलडोजर चलाने से अंकिता के केस पर कोई फर्क नही पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सबूत मिटाने के लिए रिजॉर्ट में दो बार आग लगवा दी गई ताकि सभी सबूत नष्ट हो सकें। उन्होेंने कहा की यह संगीन अपराध है, आंखिर सरकार किसको बचाना चाहती है।
माहरा ने कहा कि महिला अपराधों के मामले मे राज्य को शर्मसार करने वाले आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड में लगभग प्रति वर्ष 905 महिलाओं से दुष्कर्म व 778 का अपहरण हुआ है। अगर देश की बात करें तो देशभर में अपहरण के मामले व महिला अपराध में उत्तराखण्ड छठे पायदान पर है और एनसीआरबी के ताजा रिपोर्ट के के अनुसार 9 पहाडी राज्यों में उत्तराखण्ड दुष्कर्म के मामलों में पहले स्थान पर है। उन्होंने उत्तरकाशी मेें चार अनुसूचित जाति की नाबालिग बच्चियों के साथ हुए बलात्कार का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारी घोषणा के बावजूद आज तक उन महिलाओं को मुआवजा तक नहीं मिला।
गैर जिम्मेदाराना आरोप के बजाय न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करे कांग्रेस: चौहान
देहरादून 25 दिसंबर , भाजपा ने अंकिता हत्याकांड मे कांग्रेस पर तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी करने और भाजपा तथा जांच एजेंसियों के खिलाफ दुष्प्रचार का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि अंकिता हत्या कांड राज्य मे एक दुखद घटना है, लेकिन उसके बाद जो कार्यवाही हुई वह शीशे की तरह साफ है। एक तरफ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने और मामले की जांच शुरू हुई तो दूसरी तरफ कांग्रेस ने अपने चिर परिचित कार्य आंदोलन शुरू कर दिया। मामले का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री ने एजेंसियों को तत्काल एक्शन लेने के निर्देश दिये तो 24 घण्टे के भीतर आरोपी जेल की सलाखों के पीछे चले गये। आक्रोशित लीगों ने रिजार्ट मे आगजनी की हो या अन्य कार्यवाही वह सब आक्रोश से घटित हुआ, लेकिन जाँच एजेंसी अपना कार्य करती रही।
मामले मे विवेचना एक SIT गठित कर DIG स्तर की महिला अधिकारी के नेतृत्व में की गई है। एफआईआर
दर्ज कर तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद वैज्ञानिक पद्धति का सहारा लेकर तथा साक्ष्य संकलन कर विवेचना में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। अलग अलग स्तर पर आरोपियों की जमानत का विरोध किया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा मज़बूत पैरवी की गई है।सरकार की तरफ़ से अंकिता भंडारी के परिवार द्वारा इच्छित अधिवक्ता को अभियोजन अधिकारी नियुक्त किया गया। सरकार के स्तर पर अंकिता को न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रभावी कार्यवाही की गई है। अब मामला न्यायालय के समक्ष है। हमें पूरा विश्वास है कि इस प्रकरण में न्याय पालिका अंकिता और उसके परिवार के साथ इंसाफ करेगी। ऐसे समय में विपक्ष को न्याय पालिका के निर्णय की प्रतीक्षा करनी चाहिए और ऐसे गैर जिम्मेदाराना आरोप नहीं लगाने चाहिए। 2024 के आने वाले परिणामों से परेशान होकर कांग्रेस पार्टी ऐसी बचकाना हरकतें कर रही है। ईश्वर इन्हें सद्बबुद्धि दे।
उन्होंने कहा कि अंकिता पूरे राज्य की बेटी है और उसे न्याय मिले इसे लेकर राज्यवासी न्याय की प्रतिक्षा कर रहे है। जांच एजेंसियों की जांच पर भी पूरा भरोसा है। कांग्रेस कोर्ट मे चल रही कार्यवाही और बयानों के अंश निकालकर और तोड़ मरोड़ कर अवसर ढूंढ रही है। उसकी यह मंशा पहले की तरह इस बार भी गलत साबित होगी और अंकिता को जरूर न्याय मिलेगा।
